रीवा में पत्नी के मोबाइल में मैसेज भेज युवक ने लगाई क्योटी जलप्रपात छलांग
रीवा जिले के लालगांव चौकी अंतर्गत क्योटी जलप्रपात में एक युवक ने छलांग लगाकर जान दे दी। हालांकि अभी तक शव नहीं मिला है। सूचना के बाद पहुंची गढ़ पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भेजी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम से होमगार्ड के गोताखोर व एसडीआरएफ के जवान मौके पर भेजे गए। 22 जून से सर्चिंग कर रहे है। दावा है कि सबसे पहले पांच सदस्यीय दल रस्सी की मदद से कुंड के नीचे उतरा है। 700 फीट के नीचे दो दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा, लेकिन लाश अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में 24 जून को जबलपुर से ड्रिप ड्राइव रेस्क्यू टीम आई है। यह टीम ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर नीचे उतरेगी।लालगांव चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मनगवां क्षेत्र के कांटी निवासी चन्द्रमौल पटेल पुत्र सुदर्शन पटेल 32 वर्ष लापता है। परिजनों ने क्योटी फॉल में युवक के कूदने की शिकायत दर्ज कराई है। दावा है कि दो दिन पहले परिवारिक कलह को लेकर दंपति के बीच आपस में विवाद हुआ था। ऐसे में आक्रोशित होकर पति गांव से 20 किलोमीटर दूर बोलेरो वाहन से क्योटी फॉल पहुंचा। वहां से पत्नी को सुसाइट का मैसेज मोबाइल में भेजा था। कहा है कि 700 फीट गहरे कुंड में छलांग लगा रहा हूं। वह कुंड के बगल में बोलेरो खड़ी की। फिर मोबाइल रखा। इसके बाद जंप कर गया। हालांकि किसी ने युवक को कूदते नहीं देखा है।आशंका है कि क्योटी फॉल में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। एसडीआरएफ के प्रभारी ने बताया कि ड्रिप ड्राइव रेस्क्यू ऑपरेशन पानी के अंदर या गहरे कुंड पर किया जाता है। जैसे गुजरात के मोरबी हादसे के समय एनडीआरएफ ने किया था। उसी की तर्ज पर जबलपुर और भोपाल एसडीआरएफ को ड्रिप ड्राइव प्रशिक्षण दिया गया है। जो ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे रस्सियों की मदद से कुंड पर उतरते है। वहीं रीवा होमगार्ड की टीम इन दिनों पश्चित बंगाल के हुबली नदी में ड्रिप ड्राइव का प्रशिक्षण ले रही है। लालगांव पुलिस का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए ड्रोन कैमरा और दूरबीन की मदद ली जा रही है। कयास है कि गहरे कुंड की लाश 48 घंटे के बाद बाहर आती है। ऐसे में शनिवार की शाम के बाद लाश मिलने की संभावना है।