रेलवे व पीडब्ल्यूडी के बीच उलझा आरओबी, रेलवे 2 लेन तो पीडब्ल्यूडी 4 लेन बनाने पर अड़ा
भोपाल। रेलवे व पीडब्ल्यूडी के बीच उलझन के चलते बावड़िया रेलवे फाटक 246 नंबर के पास तीसरे आरओबी का निर्माण कार्य पिछले तीन साल से अटका पड़ा है। रेलवे ओवर ब्रिज को लेकर रेल विभाग जहां 2 लेन का निर्माण कराना चाहता है, वहीं लोक निर्माण विभाग 4 लेन बनाने पर अड़ा हुआ है। इसे लेकर कई बार दोनों के बीच पत्राचार भी हुआ है, लेकिन मामले का कोई समाधान अब तक नहीं निकला है। इसे लेकर रेलवे का कहना है कि उसे 2 लेन आरओबी बनाने की अनुमति मिली है, जबकि पीडब्ल्यूडी का कहना है कि रेलवे को इसे 4 लेन बनाना चाहिए। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि बावड़िया ब्रिज-1 पर अभी प्रति घंटे वाहनों के गुजरने की संख्या यानी पीसीयू 20 हजार है। इससे ब्रिज पर रोजाना जाम के हालत बनते हैं। इसे देखकर ही आशिमा मॉल के सामने एक और ब्रिज बनाया जा रहा है। लेकिन कोलार, बावड़िया कला, रोहित नगर, सलैया, नर्मदापुरम रोड पर बढ़ती आबादी के लिए ये दोनों ब्रिज पर्याप्त नहीं हैं। रेलवे यदि 2- लेन आरओबी में दो लेन बढ़ा देता है तो लगभग पांच लाख आबादी को फायदा मिलेगा। वहीं रेलवे ने कहा कि उसके पास 4 लेन आरओबी तैयार करने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। गत दिनों हुई रेलवे के मुख्य अभियंता ने पीडब्ल्यूडी से कहा कि वे 2 लेन ब्रिज तैयार कर देंगे। शेष 2 लेन स्वयं पीडब्ल्यूडी तैयार कर ले। रेलवे के इस प्रस्ताव को पीडब्ल्यूडी ने खारिज कर दिया है। वह रेलवे से 4 लेन आरओबी को तैयार करने की जिद पर अड़ा है।
2022 में 18.80 करोड़ रुपए मिला था बजट
733 मीटर लंबे आरओबी बनाने के लिए रेलवे ने 22 फरवरी 2022 को पहला पत्र पीडब्ल्यूडी को भेजा था। लगभग 18.80 करोड़ रुपए के सेंक्शन बजट के साथ इस आरओबी को 24 माह में तैयार करना था। पत्र मिलने के बाद 3 मार्च 2022 को पीडब्ल्यूडी ने रेलवे को सुझाव पत्र भेजा और कहा कि 2 लेन आरओबी को 4 लेन बनाएं। इसके बाद से ही दोनों विभागों के बीच एक दर्जन बार पत्र व्यवहार हो चुका है, लेकिन अभी तक की सभी प्रयास बेनतीजा रहे हैं।
4 लेन बनने से ट्रैफिक को मिलेगी राहत
पीडब्ल्यूडी का कहना है कि ट्रैफिक को ध्यान ें रखकर आरओबी चौड़ा बनाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक की समस्या हल होगी और 4 लेन आरओबी होने से जाम से निजात मिलेगी। बावड़िया कला रेलवे फाटक के पास आरओबी बनने वाला तीसरा होगा। इसके पास बावड़िया ब्रिज-1 बना हुआ है। इसके आगे बावड़िया कला चौराहे से आशिमा मॉल के पहले तक बावड़िया ब्रिज-2 का काम जून में शुरू होगा। ये दोनों ब्रिज पीडब्ल्यूडी के हैं। नए आरओबी की फाइल इसलिए भी अटक गई है, क्योंकि पीडब्ल्यूडी ने रेलवे की जनरल अरेजमेंट ड्राइंग पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। इसलिए बजट सेंक्शन होने के बाद भी रेलवे अपने आरओबी का काम शुरू नहीं कर पा रहा है। मामला 2 लेन और 4 लेन के बीच अटका हुआ है। वहीं बावड़िया कला चौराहे के पास से आशिमा मॉल के पहले तक बनने जा रहे बावड़िया आरओबी-2 का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकता है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद शासन ने स्वीकृति दे दी है। पीडब्ल्यूडी ने नौ जून को टेंडर निकाल दिया है। निर्माण एजेंसी का चयन होने के बाद वर्क आॅर्डर की प्रक्रिया में 2-3 माह का समय लगेगा। यह आरओबी 733 मीटर लंबे 4 लेन आरओबी पर आने और जाने के लिए वाहन चालकों को 7.5-7.5 मीटर की जगह मिलेगी।
नई शराब नीति: पारदर्शी लाइसेंसिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा और राजस्व
लोकसभा सीटों में इजाफा बना बहस का मुद्दा, उत्तर को लाभ तो दक्षिण को नुकसान?
MP हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, रिश्वत मामले में डॉक्टर को लगाई फटकार
बंगाल में सियासी घमासान: शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर लगाए 14 गंभीर आरोप