बेलगाम रफ्तार और स्टंट से हादसों का खतरा, मेरठ में बाइकर्स पर लगाम कसने की मांग तेज
मेरठ: शहर और हाइवे की सड़कों पर रफ्तार और स्टंट का जुनून युवाओं पर इस कदर सवार है कि वह अपनी और दूसरों की जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में युवा खुलेआम सड़क को स्टंट का अखाड़ा और रेसिंग ट्रैक बना रहे हैं। नतीजा यह है कि आमजन को रोज़ाना दुर्घटनाओं का डर सताता है।
हाल ही में मेरठ-बिजनौर मार्ग पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक तेज रफ्तार बाइक पर खड़े होकर करतब दिखा रहा है। हैरानी की बात यह रही कि युवक को देखकर टोलकर्मी ने बिना रोक-टोक बैरियर तक उठा दिया। यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि कई बार बाइक और कार सवारों के ऐसे खतरनाक स्टंट के वीडियो वायरल हो चुके हैं। अश्लील हरकतें करने से लेकर तेज रफ्तार में कार को साइड कट मारना आम हो गया है। पुलिस लाख चालान काटे, लेकिन रीलबाज़ी का यह जुनून कम होने का नाम नहीं ले रहा।
शहर की सड़कों पर रेस का आतंक
हाइवे ही नहीं, शहर के अंदर भी कई मार्ग युवाओं की रेसिंग ट्रैक बन चुके हैं। खासकर शाम और रात में, जब ऑफिस से लौटते लोग व परिवार बाजार की ओर निकलते हैं, तभी कुछ युवक महंगी और नई गाड़ियों को तेज रफ्तार में दौड़ाते दिखाई देते हैं। कई गाड़ियों पर तो नंबर प्लेट तक नहीं होती। इनकी रफ्तार और लापरवाही के चलते आमजन कई बार चपेट में आने से बाल-बाल बचते हैं।
दुर्घटनाओं का खौफनाक अंजाम
तेज रफ्तार और स्टंटबाज़ी का खामियाजा कई निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ा है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की जान चली गई। पीछे उसके छोटे-छोटे मासूम बच्चों का सहारा भी छिन गया। यह घटना इस बात की गवाही है कि सड़क पर यह मौत का खेल केवल खिलाडियों को नहीं बल्कि निर्दोष राहगीरों को भी तबाह कर देता है।
पुलिस भी बेबस, बिगड़ी औलाद बेलगाम
पुलिस लाख प्रयास करे, भारी जुर्माने लगाए, लेकिन बड़े बाप की बिगड़ी औलाद अक्सर थानों से ही छूट जाती है। पिता की पहचान का नाजायज फायदा उठाकर यह युवक नियम-कानून की धज्जियां उड़ाते रहते हैं। नतीजा यह है कि पुलिस खुद को कई बार असहाय महसूस करती है।
मेरठ की जनता क्या कहती है
मेरठ सदर के व्यापारी सचिन जैन, अंकित गुप्ता, गजेन्द्र कुमार, अनिल बंसल इन सभी का कहना है कि कि चालान काटने से बात नहीं बनेगी। ऐसे मामलों में पुलिस को गिरफ्तारी और लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाने होंगे। वरना सड़कें स्टंटबाज़ों और रेसिंग गैंगों की गिरफ्त में आती रहेंगी और आमजन की जिंदगी यूं ही खतरे में पड़ती रहेगी।
लगातार की जा रही है कार्यवाही
एसपी सिटी आयुष बिक्रम सिंह ने बताया कि स्टंट करने वालों के खिलाफ थाना पुलिस के साथ साथ ट्रैफिक पुलिस का विभाग भी लगातार चालान कर रही है। शहर के अन्दर गाड़ी की रेस लगाने का पता लगाने की लिए गाड़ी नंबर ओर सीसीटीवी कैमरों को मदद से गिरफ्तारी की प्रयास किए जा रहे हैं।
सपनों को मिले पहिए : भीमा मारकंडे की 'बैसाखी' से 'आत्मनिर्भरता' तक की प्रेरक यात्रा
खुद को छात्र बताकर ठग ने किया बड़ा फ्रॉड
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद समर्थक और विरोधी आमने-सामने
विदेश नीति में बदलाव! Subrahmanyam Jaishankar का आर्थिक कूटनीति पर जोर
बंगाल-असम पर Bharatiya Janata Party का फोकस, Amit Shah और JP Nadda बने पर्यवेक्षक