मुख्यमंत्री ने की ऐतिहासिक घोषणा: ‘कमाल का भोपाल’ नागरिक अभियान के विज़न को मिली मान्यता
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की राजधानी के लिये एक युगान्तकारी घोषणा करते हुए कहा कि भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर “नॉलेज एण्ड एआई सिटी” विकसित की जाएगी। यह सिटी आधुनिक हाईटेक मॉडल पर आधारित होगी, जहाँ विश्वस्तरीय संस्थान, अनुसंधान केन्द्र, एआई फैक्ट्री, टेक-स्टार्ट-अप्स और टेक्नोलॉजी आधारित स्मार्ट इंडस्ट्रीज़ एकीकृत रूप से स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री इंदौर में आयोजित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में प्रेस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य जल्द ही स्पेस टेक पॉलिसी-2025 लागू करने जा रहा है, जिससे सैटेलाइट डेटा, रिमोट सेंसिंग और स्पेस-स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन मिलेगा। इसी के साथ 25 एकड़ में साइंस सिटी परियोजना के लिये भूमि आवंटित की जा रही है, जो आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों और युवाओं के लिये विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगी।
‘कमाल का भोपाल’ अभियान की दृष्टि को मिली सरकारी मान्यता: राजधानी में एआई सिटी की यह घोषणा सरकार को सौंपी गई ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट का हिस्सा है उन विचारों के अनुरूप है जिन्हें पिछले एक वर्ष से ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के माध्यम से लगातार रेखांकित किया गया —
* एआई लाइटहाउस सिटी
* ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था
* क्लीन कम्प्यूट कैपिटल
* युवाओं के लिये स्किलिंग-जॉब-स्टार्टअप अवसर
* राजधानी को टेक-इनोवेशन हब बनाने की दिशा
अभियान के फाउंडर मनोज मीक ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रस्तुत यह विज़न राजधानी के भविष्य को नई दिशा देता है। ‘कमाल का भोपाल’ अभियान की ओर से हम मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव के दूरदर्शी नेतृत्व के लिये हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। यह घोषणा भोपाल को भारतीय टेक्नोलॉजी मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाएगी।”
राजधानी के लिये नई संभावनाओं का द्वार: नॉलेज एण्ड एआई सिटी, साइंस सिटी और स्पेस टेक पॉलिसी-2025 के साथ भोपाल अब ज्ञान-ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
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