निगम में क्रेडाई की बैठक बैठक में चर्चा किए गए मुख्य मुद्दे और लिए गए निर्णय
1. त्रिपक्षीय अनुबंध अभी तक Triparty Agreement (बिल्डर–निगम–रहवासी संघ) का कई बार गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसको रोकने के लिए तय किया गया कि इस अनुबंध की एक तय समय-सीमा बनाई जाएगी ताकि कोई भी पक्ष इसका गलत फायदा न उठा सके।
2. संपत्ति कर कॉलोनी के हैंडओवर के बाद संपत्ति कर सिर्फ मकान मालिक पर लगेगा, बिल्डर पर नहीं। बिल्डर की जो डुप्लीकेट टैक्स IDs बनी हुई हैं, उन्हें खत्म किया जाएगा।
3. मरम्मत शुल्क अधिकारियों से बात करके जल्द ही कोई ठोस फैसला लिया जाएगा कि मरम्मत शुल्क कैसे लिया जाए और किससे लिया जाए।
4. अवैध कॉलोनी नगर निगम जल्द ही अवैध कॉलोनियों को चिन्हित करके तोड़ने का अभियान चलाएगा। और आगे किसी भी अवैध कॉलोनी को बनने से रोकने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
5. एसटीपी (STP) और Amrit 2 लाइन जहाँ Amrit-2 योजना के तहत सीवर लाइन डाल दी गई है, वहाँ के STP को उन्हीं लाइनों से जोड़ा जाएगा। इसका खर्च डेवलपर से लिया जाएगा। और जहाँ STP पहले से Amrit-2 लाइन से जुड़ चुका है, वहाँ उसे अलग से चलाने की जरूरत समाप्त कर दी जाएगी।
6. भवन अनुमति सॉफ्टवेयर निगम ने CREDAI Bhopal को कहा है कि नक्शा पास होने से लेकर बाकी सभी परमिशन और प्रमाणपत्रों तक पूरी प्रक्रिया को कवर करने वाला एक नया सॉफ्टवेयर का प्रस्ताव बनाकर दें, ताकि ऑनलाइन काम आसानी से हो सके
7. कंपाउंडिंग कंपाउंडिंग का फैसला UADD विभाग करेगा, लेकिन 10% कंपाउंडिंग नगर निगम अपने स्तर पर लागू कर सकता है।
इस पर निगम जल्द ही ऑफिशियल फैसला लेगा।
8. होर्डिंग पर दंड होर्डिंग के दंड की प्रक्रिया के लिए नया सॉफ्टवेयर बन रहा है। इसमें डेवलपर को समय-समय पर रिमाइंडर भी मिलेगा, ताकि दंड लगने से पहले ही भुगतान किया जा सके।
एकमुश्त (One-time) भुगतान का विकल्प भी रहेगा।
9. अफॉर्डेबल हाउसिंग नगर निगम का जो डाटा आवासहीन लोगों से जुड़ा है, उसे प्राइवेट डेवलपर्स के साथ साझा किया जाएगा ताकि जरूरतमंदों को सही कीमत पर मकान मिल सकें।
10. प्रोजेक्ट साइट पर अनुमोदित नक्शा लगाना आयुक्त महोदया ने सभी डेवलपर्स को निर्देश दिया है कि अपने प्रोजेक्ट की साइट पर नक्शा स्वीकृति (Approved Map) की होर्डिंग ज़रूर लगाएँ, ताकि जनता को पता चले कि प्रोजेक्ट वैध है।
11. पानी का बल्क कनेक्शन नगर निगम भोपाल, डेवलपर्स/सोसाइटी को बल्क पानी कनेक्शन देने की प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित करने पर काम कर रहा है।
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“सेवा निवृत्ति के बाद भी सेवा का जज़्बा हमेशा जीवित रहता है” — डीजीपी कैलाश मकवाणा