कर्नाटक सत्ता संघर्ष पर सिंधिया का तीखा हमला : कुछ कांग्रेसी छात्र सीखने को तैयार नहीं
केंद्रीय मंत्री ने मोदी के नेतृत्व की सराहना की; मौलाना मदनी की न्यायपालिका पर टिप्पणी को बताया अनुचित
इंदौर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उनके उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष को लेकर तंज कसते हुए कहा कि जनता बार-बार सबक सिखा रही है, लेकिन कुछ छात्र (कांग्रेस के) सीखने को तैयार नहीं हैं।
इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर के लोगों ने भाजपा का झंडा ऊँचा किया है और सरकार ने चहुंमुखी विकास सुनिश्चित कर भारत की वैश्विक छवि को ऊपर उठाया है। इसके विपरीत, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, एक पार्टी एक ऐसे राज्य में कुर्सी की लड़ाई में फंसी हुई है, जहाँ वह सत्ता में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता ही कांग्रेस का भविष्य तय करती है, पर कुछ नेता लोगों की निगाहों से ओझल हो गए हैं और वे सबक लेने को तैयार नहीं। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में सिद्दारमैया पूरे पाँच साल मुख्यमंत्री बने रहने का दावा कर रहे हैं, जबकि शिवकुमार को ढाई साल बाद रोटेशन पर पद देने का कथित वादा किया गया था। यह विवाद 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार के 2.5 साल पूरे होने के बाद और गहरा गया है।
न्यायपालिका पर टिप्पणी को बताया अनुचित
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी की सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर, सिंधिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने बयान पढ़ा नहीं है, लेकिन किसी को भी लोकतंत्र के किसी भी स्तंभ, खासकर न्यायपालिका पर कभी भी हल्की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
मौलाना मदनी ने शनिवार को कथित तौर पर कहा था कि देश में बुलडोजर कार्रवाई और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के माध्यम से एक समूह की सर्वोच्चता स्थापित करने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि बाबरी मस्जिद के फैसले के बाद यह धारणा मजबूत हुई है कि अदालतें सरकारों के दबाव में काम कर रही हैं।
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