बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों पर दिखने लगा, तेज हवाओं से कांपे लोग
नई दिल्ली। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। एनसीआर में ठिठुरन भरी ठंड के साथ तेज हवाओं ने लोगों को कंपकंपा दिया है। तापमान में गिरावट के साथ ही सुबह और रात में सर्द हवाओं का असर ज्यादा रहा। मौसम में आए इस बदलाव का सकारात्मक असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ा और एनसीआर के कई इलाकों में एक्यूआई में सुधार हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट में ताजा आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद के कई इलाकों में एक्यूआई ऑरेंज जोन में दर्ज किया गया है। इंदिरापुरम में एक्यूआई 153 रहा, जो संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में आता है। वहीं लोनी में स्थिति थोड़ी खराब रही, जहां एक्यूआई 280 दर्ज किया गया। संजय नगर गाजियाबाद में एक्यूआई 205, वसुंधरा में 287 तक पहुंच गया। इससे साफ है कि गाजियाबाद के कुछ इलाकों में अब भी प्रदूषण मध्यम से खराब श्रेणी में बना हुआ है।
नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 219, सेक्टर-62 में 164, सेक्टर-1 में 234 और सेक्टर-116 में 218 दर्ज किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक नोएडा के अधिकांश क्षेत्र ऑरेंज जोन में हैं, जहां संवेदनशील लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। दिल्ली के कई इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया, हालांकि कुछ स्थानों पर प्रदूषण अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। अलीपुर में एक्यूआई 217, आनंद विहार में 288, अशोक विहार में 251 दर्ज किया गया। वहीं आया नगर और बवाना में एक्यूआई 152 रहा, जो अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति को दर्शाता है। बुराड़ी क्रॉसिंग में एक्यूआई 208, चांदनी चौक में 280, सीआरआरआई मथुरा रोड पर 188, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 266 और डीटीयू क्षेत्र में एक्यूआई 246 दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक 3 और 4 जनवरी को एनसीआर में सुबह के समय घने कोहरे की संभावना जताई गई है। 3 जनवरी को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि 4 जनवरी को तापमान 19 और 7 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 5 जनवरी को कोहरा हल्का से मध्यम रहने की संभावना है और तापमान 19 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण एक्यूआई में सुधार आने के चलते ग्रैप-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं। इसके बाद दिल्ली में वाहनों के प्रवेश, निर्माण गतिविधियों और अन्य प्रतिबंधों में राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का मिजाज बदलते ही प्रदूषण फिर बढ़ सकता है, लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है।
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