महाराष्ट्र में महायुति में बढ़ने लगी दरार, भाजपा मंत्री ने अजित पवार को दी ‘सावधानी बरतने’ की नसीहत
जालना । महाराष्ट्र (Maharashtra) में भाजपा (BJP) और सहयोगियों के बीच दरार बढ़ती नजर आ रही है। खासतौर पर भाजपा और अजित पवार (Ajit Pawar) की एनसीपी (NCP) के बीच मतभेद दिखाई दे रहा है। बीते दिनों अजित पवार ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के स्थानीय निकायों में अनियमितताओं को लेकर हमला बोला था। इसे अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा पर हमला माना गया था। वजह, दोनों जगहों पर 2017 से 2022 तक भाजपा का शासन रहा है। अब महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने अजित पवार को सलाह दी है कि वह सहयोगियों पर निशाना न साधें।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में भाजपा, अजित पवार की एनसीपी और शिंदे गुट की शिवसेना के गठबंधन वाली महायुति सरकार है। हालांकि स्थानीय निकाय चुनाव में 29 नगर निगम चुनाव में तीनों अलग-अलग मैदान में उतरे हैं। वोटिंग 15 जनवरी को होने वाली है।
अजित पवार ने क्या कहा था
पिछले हफ्ते शुक्रवार और शनिवार को अपनी प्रेस कांफ्रेंस में शरद पवार ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ स्थानीय निकायों में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाया था। उन्होंने स्थानीय निकायों पर आरोप लगाया, जिनके चलते पुणे में विकास कार्य पटरी से उतर गया। इसके अलावा उन्होंने पिंपरी चिंचवाड़ के कर्ज में फंसने को लेकर भी हमला बोला। यह सारी बातें भाजपा के खिलाफ जा रही हैं।
बावनकुले ने क्या कहा
इस बीच जालना नगर निगम चुनाव में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे चंद्रशेखर बावनकुले ने अजित पवार को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि एक संयुक्त बैठक के दौरान यह तय किया गया था कि गठबंधन के साथी दल प्रचार के दौरान एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे। इसके बावजूद अजित पवार ने समझौता तोड़ा है। भविष्य में उन्हें इस बात का ख्याल रखना चाहिए।
बावनकुले ने इस दौरान महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण द्वारा पवार को लेकर दिए गए बयान का भी बचाव किया। चव्हाण ने कहा था कि अगर भाजपा आरोप लगाना शुरू कर देगी तो फिर पवार के लिए काफी मुश्किल हो जाएगी। उन्होंने पवार से कहा कि कुछ भी आरोप लगाने से पहले अपनी तरफ देख लें।
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