भारत के मशहूर इकोलॉजिस्ट और पर्यावरण संरक्षण के अग्रदूत माधव गाडगिल का निधन
नई दिल्ली। भारत के मशहूर इकोलॉजिस्ट और पर्यावरण संरक्षण के अग्रदूत माधव गाडगिल का बुधवार देर रात पुणे में निधन हो गया। वह 83 साल के थे। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, गाडगिल पिछले कुछ समय से बीमार थे और पुणे के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पर्यावरण विज्ञान और पारिस्थितिकी के क्षेत्र में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
माधव गाडगिल को पश्चिमी घाट पर उनके काम के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यह इलाका वैश्विक जैव विविधता का हॉटस्पॉट माना जाता है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा गठित पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल की अध्यक्षता की थी। इस पैनल ने विकास गतिविधियों, जनसंख्या दबाव और जलवायु परिवर्तन के असर का गहन अध्ययन किया। उनकी रिपोर्ट, जिसे ‘गाडगिल रिपोर्ट कहा जाता है, ने भारत के नाजुक पर्यावरणीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए ठोस सुझाव दिए थे।
बाहर से लौटते ही नहाने की आदत से हो सकते हैं ये नुकसान
गांधी वाली कांग्रेस खत्म’: केरल रैली में पीएम मोदी का सख्त संदेश
14 ट्रेनें वापसी, रायपुर-बिलासपुर-गोंदिया रूट पर सुविधा
सेमीकंडक्टर रेस में नया मोड़, MATCH एक्ट से चीन पर सख्ती
43 मिनट में तीसरा हमला: कुवैत की सरकारी रिफाइनरी पर फिर वार