क्रेडाई भोपाल केंद्रीय बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के निरंतर फोकस का स्वागत करता है। हाईवे, मेट्रो, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, रेलवे और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, नए ग्रोथ कॉरिडोर खुलेंगे और रियल एस्टेट सेक्टर को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। इसका सीधा सकारात्मक असर भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन पर पड़ेगा, जहां आवास, रोजगार और सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। हम बजट में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर दिए गए जोर की भी सराहना करते हैं। तेज़ अनुमतियाँ, सरल प्रक्रियाएँ और डिजिटलीकरण से प्रोजेक्ट की समय-सीमा और लागत दोनों घटेंगी, जिससे मेट्रोपॉलिटन रीजन में संगठित और नियोजित विकास को गति मिलेगी।

हालांकि क्रेडाई इस बात से गंभीर रूप से निराश है कि बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। मौजूदा, पुरानी परिभाषा के कारण यह सेगमेंट पहले ही दबाव में है। क्रेडाई के आकलन के अनुसार कुल हाउसिंग सप्लाई में अफोर्डेबल हाउसिंग की हिस्सेदारी 18% से घटकर लगभग 12% तक जा सकती है। इसका सीधा असर भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में कामगारों, युवा परिवारों और मिडिल क्लास पर पड़ेगा। क्रेडाई का मानना है कि अफोर्डेबल हाउसिंग कोई वेलफेयर स्कीम नहीं, बल्कि इकोनॉमिक इंफ्रास्ट्रक्चर है। यदि इसकी सप्लाई कमजोर होती है, तो मेट्रोपॉलिटन रीजन में किराये बढ़ेंगे, रोज़ाना का सफर लंबा होगा और अनियोजित बस्तियों का विस्तार होगा। क्रेडाई भोपाल की अपेक्षा है कि सरकार भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए एक स्पष्ट नीति ढांचा बनाए जिसमें ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो-आधारित विकास, अफोर्डेबल हाउसिंग और कैपिटल रिडेवलपमेंट को एक साथ जोड़ा जाए ताकि राजधानी क्षेत्र का विकास समावेशी, संतुलित और टिकाऊ बन सके।