अर्बन चैलेंज फंड लॉन्च के साथ भोपाल के लिए विशेष कैपिटल रिडेवलपमेंट पैकेज की मांग तेज
भीषण त्रासदी से गुज़री राजधानी भोपाल के लिए अलग नीति, पैमाना और प्राथमिकता हो — मनोज मीक
आज केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा अर्बन चैलेंज फंड की ऑपरेशनल गाइडलाइन्स तथा क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी सब-स्कीम के लॉन्च के दौरान क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने वर्चुअल बैठक में भाग लेकर राजधानी भोपाल के लिए विशेष कैपिटल रिडेवलपमेंट पैकेज की आवश्यकता को पुनः लिखित रूप से प्रस्तुत किया। बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी वीडियो संदेश के माध्यम से सहभागिता की जबकि राज्य के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी चर्चा में शामिल हुए। इसी सत्र में लेटर ऑफ इंटेंट की ई-साइनिंग प्रक्रिया भी निर्धारित की गई।
लॉन्च आयोजन के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि ₹1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड अब क्रियान्वयन के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। केंद्र सरकार के अनुसार यह फंड अगले वर्षों में लगभग ₹4 लाख करोड़ के शहरी निवेश को गति देने के लिए बनाया गया है। इसमें 25 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता, न्यूनतम 50 प्रतिशत मार्केट फाइनेंस, और शेष राशि राज्य, नगरीय निकाय अथवा अन्य स्रोतों से जुटाई जानी है। आज जारी विवरण के अनुसार कुल प्रावधान में लगभग ₹90,000 करोड़ परियोजनाओं के लिए, ₹5,000 करोड़ प्रोजेक्ट प्रिपरेशन एवं कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए, तथा ₹5,000 करोड़ क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी के लिए निर्धारित हैं।
मनोज मीक का मानना है कि भीषण त्रासदी से गुजरी राजधानी भोपाल की जरूरतें सामान्य शहरों से अलग हैं, इसलिए उसके लिए नीति, पैमाना और प्राथमिकता तीनों अलग होने चाहिए। आज स्वयं मंत्री ने यह रेखांकित किया कि यह फंड पुराने शहरी क्षेत्रों और बाजारों के रिडेवलपमेंट, अर्बन मोबिलिटी, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट, वॉटर और सैनिटेशन जैसे क्षेत्रों में परिवर्तनकारी परियोजनाओं का समर्थन करेगा। यही वे क्षेत्र हैं, जिनमें भोपाल के लिए एक विशेष कैपिटल विज़न की आवश्यकता है।
अर्बन चैलेंज फंड डायरेक्टरी में क्रेडाई भोपाल और मनोज मीक का उल्लेख प्राइवेट सेक्टर ऑर्गनाइजेशन श्रेणी में दर्ज है, जो यह दर्शाता है कि भोपाल की निजी क्षेत्रीय भागीदारी को राष्ट्रीय शहरी परिवर्तन ढाँचे में औपचारिक मान्यता मिल रही है।
मनोज मीक ने कहा कि अब जबकि ऑपरेशनल गाइडलाइन्स जारी हो चुकी हैं, मध्यप्रदेश सरकार, नगरीय प्रशासन, नगर निगम और भोपाल विकास प्राधिकरण को मिलकर भोपाल के लिए एक सशक्त, बैंक योग्य, रिडेवलपमेंट-उन्मुख प्रस्ताव शीघ्र तैयार करना चाहिए, जिसमें कैपिटल रिडेवलपमेंट, एआई, क्वांटम इंफ्रा, नॉलेज इकोनॉमी और लॉजिस्टिक्स के एकीकृत विज़न को शामिल किया जाए।
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