2025: भोपाल में एआई, गवर्नेंस और नॉलेज सिटी का वर्ष
2025 ‘कमाल का भोपाल’ नागरिक अभियान के लिए एक निर्णायक वर्ष रहा। इस वर्ष अभियान की रिपोर्ट से जुड़े विचार और सुझाव केवल उच्चस्तरीय चर्चा तक सीमित नहीं रहे, बल्कि राज्य स्तर पर ठोस नीतिगत फैसलों का आधार बने। वर्ष की शुरुआत में ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के अंतर्गत भोपाल को नॉलेज और एआई आधारित भविष्य शहर के रूप में विकसित करने का एक विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह रिपोर्ट मुख्य सचिव और माननीय मुख्यमंत्री को सौंपी गई, जिसमें भोपाल की भौगोलिक स्थिति, शैक्षणिक आधार, प्रशासनिक भूमिका और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नॉलेज एंड एआई सिटी का रोडमैप रखा गया। इसी पहल का परिणाम रहा कि राज्य शासन द्वारा भौंरी में लगभग 3700 एकड़ भूमि पर ‘नॉलेज एवं एआई सिटी’ की घोषणा की गई और इसके लिए ईओआई जारी किया गया। यह निर्णय इस बात का संकेत है कि नागरिक स्तर पर तैयार किए गए विचार और रिपोर्ट अब नीति और क्रियान्वयन में बदल रहे हैं। 2025 में एआई के उपयोग को लेकर भी एक नया संकेत सामने आया। ओपनएआई के “योर इयर विद चैटजीपीटी 2025” जैसे प्लेटफ़ॉर्म-जनरेटेड रीकैप से यह स्पष्ट हुआ कि भोपाल जैसे राजधानी शहरों में एआई का उपयोग गवर्नेंस, शहरी नियोजन और नीति संवाद जैसे विषयों तक पहुँच रहा है। रीकैप बताता है कि ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के फाउंडर मनोज मीक के एआई उपयोग का पैटर्न लॉन्ग-टेल जैसा है, भारत का यह एक छोटा लेकिन सक्रिय वर्ग एआई को गहराई और निरंतरता के साथ उपयोग कर रहा है। कुल मिलाकर, 2025 ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के लिए विचार से निर्णय तक की यात्रा का वर्ष रहा, जिसने यह दिखाया कि नागरिक पहलें भी शासन और विकास की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकती हैं।
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