गाजा में हमास चीफ हानिए के 3 बेटों की मौत
गाजा/तेल अवीव । इजराइल के हमले में देर रात हमास चीफ इस्माइल हानिए के तीन बेटों की मौत हो गई। इजराइली सेना ने गाजा के अल-शती कैंप के पास एक कार पर एयरस्ट्राइक की। इसमें इस्माइल हानिए के तीन बेटों, 3 पोतियों और एक पोते की मौत हो गई। मौत की पुष्टि खुद हानिए ने की है।
इजराइली सेना का कहना है कि हानिए के तीनों बेटे आतंकी थे। सेना के मुताबिक, अमीर हानिए हमास में स्क्वाड कमांडर था। वहीं, हाजेम और मोहम्मद हानिए ऑपरेटिव्स थे। तीनों सेंट्रल गाजा में हमला करने के लिए जा रहे थे। इनमें से एक इजराइलियों को बंधक बनाने में भी शामिल था।
तीनों की शहादत का सम्मान करते हैं
इस्माइल हानिए ने कतर के मीडिया हाउस अल जजीरा को तीन बेटों की मौत की पुष्टि की। कहा कि उनकी शहादत का सम्मान हमें देने के लिए अल्लाह का शुक्रिया। वहीं, अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में हानिए ने कहा कि हमास सरेंडर नहीं करेगा और हमले जारी रखेगा। हानिए ने कहा, उनका (इजराइलियों का) खून यरुशलम और अल-अक्सा की आजादी के लिए बहाएंगे। इसी राह पर बिना संकोच के आगे बढ़ते रहेंगे। उनके खून से हम अपने लोगों और अपने उद्देश्य के लिए आशा, भविष्य और स्वतंत्रता लाएंगे।
हमारी मांगें साफ हैं। दुश्मन अगर सोचता है कि बातचीत से कुछ बदलाव आ सकते हैं तो यह उसकी गलतफहमी है। अगर उन्हें लगता है कि मेरे बेटों को निशाना बनाकर हमास को अपनी स्थिति बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है तो यह गलत है। मेरे बेटों का खून हमारे लोगों के खून से ज्यादा प्रिय नहीं है।
हानिए के 13 बच्चे हैं
हानिए ने अल जजीरा को बताया कि उसके 13 बच्चें हैं। 7 अक्टूबर को शुरू हुई इजराइल-हमास जंग में अब तक उसने 60 परिजनों को खोया है। हानिए ने कहा कि उसने भी वह दर्द झेला है जो बाकी फिलिस्तीनी झेल रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोट्र्स में कहा जा रहा है कि हानिए के बेटे ईद मनाने के लिए अपने परिजनों के घर जा रहे थे। तभी इजराइली सेना ने उनकी कार पर एयरस्ट्राइक की।
छह हत्याओं का खौफनाक अंजाम: मनेरी केस में आरोपी को सजा-ए-मौत
राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस में टिकट के लिए खींचतान, एक-एक सीट पर कई दावेदार
चुनावी माहौल में बड़ा उलटफेर: एम. के. स्टालिन की मौजूदगी में DMK में शामिल हुए ओ. पन्नीरसेल्वम
संजय राउत को राहत, BJP नेता की पत्नी की मानहानि मामले में कोर्ट ने किया बरी
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में बड़े बदलाव की तैयारी, 60 साल से कम उम्र के नेताओं को मिलेगा मौका