मासिक दुर्गाष्टमी पर देवी को लगाएं 3 खास चीजों का भोग
Masik Durga Ashtami : हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर महीने की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है. यह दिन मां दुर्गा को समर्पित है और लोग इस दिन व्रत रखने के साथ ही मां दुर्गा की आराधना करते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति आती है. साथ ही मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है. इस बार मासिक अष्टमी का व्रत 08 दिसंबर को रखा जाएगा. भोपाल निवासी ज्योतिष आचार्य पंडित योगेश चौरे के अनुसार, यदि आप सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं तो इस दिन आप मां दुर्गा को उनका प्रिय भोग जरूर लगाएं. कौन सी हैं वे चीज और कैसे लगाएं भोग? आइए जानते हैं.
1. हलवा का भोग
हमेशा से यह बात आपने सुनी होगी कि मां दुर्गा का हलवा काफी पसंद है. भक्त अपनी मुरादें पूरी कराने के लिए मां को हलवा पूरी का भोग खूब लगाते हैं. शक्ति की आराधना में आप भी दुर्गाष्टमी के दिन घी से बने हलवा का भोग लगाएं. माना जाता है कि इस भोग से माता आपकी सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं. साथ ही उनके आशीर्वाद से आपको जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति भी होती है.
2. केले का भोग
मां दुर्गा को केले का भोग भी जरूर लगाएं. मासिक दुर्गाष्टमी पर लगाए गए केले के भोग से व्यक्ति को कई प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है. इतना ही नहीं आपको मनचाहे परिणाम मिलते हैं और यदि आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो आपको इससे भी छुटकारा मिलता है और स्थिति ठीक होती है.
3. सफेद रंग की मिठाई का भोग
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा को सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाना भी बेहद शुभ माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि, इससे आपके जीवन में सकारात्मकता आती है और आपको जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति होती है. यदि आप मां से किसी मनोकामना की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं तो उन्हें सफेद मिठाई का भोग जरूर लगाएं.
जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन बूरीतरह प्रभावित
पीएम और सीएम को पद से हटाने वाला बिल राजनीतिक दुरुपयोग का हो सकता है शिकार
इंदौर में कार रेंटल फ्रॉड का खुलासा, आरोपी किराए पर लेकर गिरवीं रखता था कारें, 3 करोड़ लग्जरी गाड़ियां बरामद
Balodabazar Paddy Seizure: अवैध धान भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 559 क्विंटल धान जब्त
Jashpur Republic Day Rehearsal: रणजीता स्टेडियम में गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल संपन्न