गुवाहाटी : भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने उत्तर-पूर्व के सभी राज्यों  में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि के उद्देश्य से, गुवाहाटी में अपने नवगठित उत्तर-पूर्वी राज्य अंचल कार्यालय परिसर का उद्घाटन किया। यह कदम डिजिटल पहलों के साथ-साथ बुनियादी भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने की बैंक की दूरगामी सोच को दर्शाता है।

नए अंचल कार्यालय का उद्घाटन डॉ. देबदत्त चांद, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के कर-कमलों द्वारा सुश्री बीना वाहिद, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा तथा  श्री शिव पद नायक, अंचल प्रमुख, उत्तर-पूर्वी राज्य अंचल, बैंक ऑफ़ बड़ौदा सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।   

इस अवसर पर डॉ. देबदत्त चांद, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कहा, " उत्तर-पूर्वी राज्य भारत राष्ट्र के लिए रणनीतिक और सांस्कृतिक महत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। बैंक ऑफ़ बड़ौदा समावेशी और सार्थक विकास के उद्देश्य से इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार करते हुए यहां की जनता के साथ अपने जुड़ाव को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि क्षेत्र के हर समुदाय को विकास के दायरे में लाया जा सके।“  

सुश्री बीना वाहिद, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कहा, " उत्तर-पूर्वी राज्य में परिचालन दक्षता और बेहतर गवर्नेंस के लिए इस नए अंचल के उद्घाटन के साथ बैंक ऑफ़ बड़ौदा इस जीवंत क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सुलभ और कुशल बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान, बैंक की सामाजिक प्रतिबद्धता के तहत दिव्यांग समावेशी समाज के निर्माण को प्रोत्साहन के उद्देश्य से गुवाहाटी स्थित कल्याणी निवास और अशनीर होम में दिव्यांग बच्चों के लिए कपड़े, खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया।

बैंक ऑफ़ बड़ौदा के 1486 स्टाफ सदस्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में फैली 197 शाखाओं एवं 3 क्षेत्रीय कार्यालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से इन राज्यों  के लोगों की सेवा कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 61% शाखाएं ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं।

इस महत्वपूर्ण पहल के साथ, बैंक ऑफ़ बड़ौदा देश के समग्र विकास में योगदान के उद्देश्य से क्षेत्रीय समृद्धि को बढ़ावा देने, वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने और उत्तर-पूर्वी राज्यों में सतत् विकास को बढ़ावा देने के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहरा रहा है।