अराइव अलाइव इंडिया रोड सेफ्टी समिट 2026 में सामूहिक संकल्प
भोपाल। सड़क दुर्घटनाओं में जानमाल की क्षति रोकने और शहर में यातायात नियमों के प्रभावी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजधानी में अराइव अलाइव इंडिया रोड सेफ्टी समिट 2026 का आयोजन किया गया। यह समिट इवेंट ट्री के तत्वावधान में एवं ओम ऑटो होंडा के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य भोपाल को भारत का सबसे सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में ठोस और नेतृत्व आधारित पहल करना रहा। समिट का आयोजन कल्पना डेलौरी (संस्थापक – इवेंट ट्री) द्वारा किया गया, जिसे ओम ऑटो होंडा के मैनेजिंग पार्टनर श्री आशीष पांडे का सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न एसोसिएशन, सामाजिक संगठनों और रेजिडेंशियल सोसाइटीज़ के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
सड़क सुरक्षा पर नेतृत्व आधारित पहल की जरूरत
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून और प्रशासन का विषय नहीं है, बल्कि इसे सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए हर वर्ग को इसमें भागीदारी निभानी होगी। समिट का मुख्य एजेंडा “सड़कों पर जान बचाने के लिए साझा समाधान” रहा, जिसके तहत यह निर्णय लिया गया कि शहर के अलग-अलग संगठन और समाज अपने-अपने स्तर पर रोड सेफ्टी गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे, ताकि जागरूकता केवल चर्चा तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहार में भी दिखाई दे। समिट में प्रमुख अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने शिरकत कर सड़क सुरक्षा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इनमें— किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष – नगर निगम, भोपाल जितेंद्र शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), भोपाल विक्रम सिंह रघुवंशी, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG), पीटीआरआई ग्रुप कैप्टन आलोक श्रीवास्तव, निदेशक – एनसीसी, भोपाल आशीष पांडे, मैनेजिंग पार्टनर – ओम ऑटो होंडा प्रदीप करमवेलकर, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – बीएनआई, भोपाल पुष्पेंद्र मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष – अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज शामिल रहे। सभी अतिथियों ने सड़क सुरक्षा को एक गंभीर विषय बताते हुए जागरूकता के साथ-साथ जिम्मेदारी तय करने वाले मॉडल को जरूरी बताया।
अराइव अलाइव इंडिया अभियान का संदेश
समिट में बताया गया कि अराइव अलाइव इंडिया एक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान है, जो पिछले कई वर्षों से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में जागरूकता, शिक्षा, संस्थागत भागीदारी और सामाजिक नेतृत्व के माध्यम से कार्य कर रहा है। अभियान का उद्देश्य यह स्पष्ट संदेश देना है कि सड़क सुरक्षा सिर्फ सरकार या ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
2026 में लगातार अभियान चलाने का संकल्प
समिट के समापन पर उपस्थित संगठनों एवं प्रतिनिधियों ने यह संकल्प लिया कि वर्ष 2026 के दौरान भोपाल में निरंतर रोड सेफ्टी अभियान, संस्थागत सहभागिता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और शहर को वास्तव में सुरक्षित बनाया जा सके। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि यदि भोपाल में यह मॉडल सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो यह पहल देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणादायी और अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है।
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