पेशी के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा, शराब घोटाले की जांच जारी
रायपुर|छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज 59 आरोपियों को ED की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों की मौजूदगी में कोर्ट की कार्यवाही पूरी की गई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. सभी आरोपियों के बयान कोर्ट में धारा 88 के तहत दर्ज किए गए हैं. शराब घोटाले में कुल 82 आरोपी हैं. जिसमें 23 की गिरफ्तारी हुई है.
चैतन्य बघेल, कवासी लखमा ने दर्ज कराई उपस्थिति
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल, निरंजन दास सहित आबकारी विभाग के कई अधिकारी और अन्य आरोपी अदालत में उपस्थित रहे. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे|
सभी आरोपियों को एक-एक कर कोर्ट में किया गया पेश
सूत्रों के अनुसार, पहले 40 से 50 आरोपियों की पेशी की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में संख्या बढ़कर 59 हो गई. सभी आरोपियों को एक-एक कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनसे जुड़े दस्तावेज और बयान दर्ज किए गए|
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले यह कथित शराब घोटाला सामने आया था. इसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया था कि यह स्कैम पूरे 3200 करोड़ रुपये का है. इसके साथ ही इसमें छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता और अफसरों के शामिल होने की भी बात की थी. इस मामले में अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा को आरोपी बनाया गया था. पहले इस घोटाले के बारे में अनुमान लगाया गया था कि ये करीब 2200 करोड़ का स्कैम है. जब EOW की चार्जशीट पेश की गई तो पता चला कि ये पूरा मामला 3200 करोड़ का है|
पूर्व सीएम भूपेश बघेल के समय IAS रहे अनिल टुटेजा पर आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनबर ढेबर के साथ मिलकर सिंडिकेट चलाने का आरोप है. अनवर रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई हैं. बताया जा रहा है कि साल 2019 में शराब की हर पेटी पर 75 रुपये और बाद के सालों में 100 रुपये तक वसूले गए थे. डिस्टलरी संचालकों से कमीशन कमाने, नकली होलोग्राम वाली शराब सरकारी दुकानों पर बेचने और कम एरिया में शराब की सप्लाई कर ज्यादा पैसे कमाने का मामला सामने आया था|
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