क्रेडाई भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने आज अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी संजय दुबे से भेंट की। बैठक में क्रेडाई द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों और प्रतिवेदनों पर विस्तार से चर्चा हुई। एसीएस ने विषय-वार समाधान निकालने और अगले तीन महीनों तक नियमित समीक्षा करने का आश्वासन दिया।बैठक में रेरा और शहरी विकास से जुड़े कुछ बिंदुओं पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया। एसीएस ने कहा कि वे स्वयं इन मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत संवाद सुनिश्चित करेंगे। क्रेडाई ने बैठक में यह भी रखा कि 52 मुद्दे सरकार के समक्ष लंबे समय से लंबित हैं। इनमें से कुछ विषय 8 से 11 वर्ष से अटके हुए हैं, जबकि औसत लंबित अवधि 3 से 5 वर्ष है। रेरा, नगर निगम और कलेक्टर गाइडलाइन से जुड़े कई बिंदु सीधे ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को प्रभावित करते हैं। एसीएस ने इस पर भी गंभीरता से विचार करने और नियमित अंतराल पर प्रगति साझा करने का आश्वासन दिया। बैठक में क्रेडाई ने एसीएस को ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट की प्रति सौंपी। इस रिपोर्ट में राजधानी को एआई लाइटहाउस सिटी, क्लीन कंप्यूट कैपिटल और क्वांटम टेक्नोलॉजी हब बनाने का विज़न प्रस्तुत है। एसीएस ने इस पर सहयोग का भरोसा दिया और कहा कि राज्य सरकार राजधानी क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। भेल की रिक्त जमीन के विषय पर केंद्र सरकार से संवाद में प्रगति हुई है। बैठक में क्रेडाई भोपाल अध्यक्ष मनोज मीक सहित, समीर सबरवाल, संजीव ठाकुर, विपिन गोयल तथा वासिक हुसैन शामिल हुए। क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक ने कहा: “यह बैठक उत्साहजनक रही। एसीएस द्वारा विषय-वार समीक्षा और समयबद्ध समाधान की रूपरेखा से राजधानी क्षेत्र के विकास की राह आसान होगी। भोपाल विकास योजना 2047 का प्रकाशन, रेरा अनुपालन का सरलीकरण और इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति का प्रभावी क्रियान्वयन, सब मिलकर भोपाल को फ्यूचर-रेडी रीजन बनाएंगे। लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान के साथ-साथ ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट पर कार्यान्वयन हमारी प्राथमिकता है।”