i-TEK मना रहा है RFID और IoT में उत्कृष्टता के 25 साल पूरे होने का जश्न
पुणे: इन्फोटेक सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (i-TEK) भारत में RFID और IoT सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने में सबसे आगे है, जिसने पुणे स्थित अपने मुख्यालय में बहुत ही भव्य समारोह के आयोजन के साथ अपनी रजत जयंती मनाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी जी, तथा पूर्व थल सेनाध्यक्ष, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त)जनरल मनोज पांडे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस समारोह में उद्योग जगत, शिक्षा जगत, सरकार और मीडिया जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों के साथ-साथ i-TEK के मूल्यवान ग्राहक एवं भागीदार साझेदार भी शामिल हुए, तथा सभी ने एकजुट होकर कंपनी के इनोवेशन एवं देश के लिए योगदान के 25 वर्षों के शानदार सफर का जश्न मनाया। 25 साल पहले पुणे में एक छोटे-से स्टार्टअप के रूप में अपने सफ़र की शुरुआत करने वाला i-TEK, आज RFID सिस्टम एवं सॉल्यूशंस में भारत के सबसे भरोसेमंद नामों में से एक बन गया है। कंपनी ने राष्ट्रीय स्तर पर कई तकनीकी बदलावों में अहम भूमिका निभाई है, जिसमें फास्टैग की शुरुआत में अग्रणी भूमिका निभाने से लेकर 105 बंदरगाहों और अंतर्देशीय कंटेनर डिपो में निर्यात को सुरक्षित बनाने वाले RFID पर आधारित कंटेनर eSeals की शुरुआत करना शामिल है, और आज भारत के हर दूसरे वाहन में i-TEK द्वारा निर्मित फास्टैग लगा है। कंपनी के सॉल्यूशंस ने रिटेल और वेयरहाउसिंग में भी बड़ा बदलाव लाने में योगदान दिया है, क्योंकि अब इन्वेंट्री का समय कई महीनों से घटकर बस कुछ दिनों हो गया है। इतना ही नहीं, कंपनी द्वारा पेश किए जाने वाले समाधान लॉजिस्टिक्स, तेल एवं गैस, खनन, उपयोगिता वस्तुओं तथा विनिर्माण जैसे उद्योगों में सालाना 300 करोड़ से ज़्यादा चीज़ों की जानकारी रखने एवं निगरानी करने में भी मददगार है। i-TEK ने इनोवेशन और देश के विकास पर लगातार ध्यान देते हुए, भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के सफर की अगुवाई करने वाले एक सच्चे भारतीय लीडर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस अवसर पर भारत सरकार के माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी ने सभा को संबोधित किया, और उन्होंने भारत में टेक्नोलॉजी पर आधारित बदलाव में i-TEK की भूमिका की सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "RFID और फास्टैग की शुरुआत ने सच में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। टोल प्लाजा पर लंबी कतारों और धीमी गति के कारण होने वाली असुविधा अब खत्म हो गई है। अब ये पूरी प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है, जिससे लोगों का समय, पैसा और ईंधन बच रहा है, साथ ही पारदर्शिता के जरिए सरकार की आय भी बढ़ रही है। इसे संभव बनाने में i-TEK और इसके संस्थापक अशिम पाटिल ने आगे बढ़कर अपना योगदान दिया है, और RFID कंटेनर ट्रैकिंग के साथ-साथ जालसाजी की रोकथाम करने वाले उनके इनोवेशन, भारत में लॉजिस्टिक्स, निर्यात और बाज़ारों को मजबूती दे रहे हैं। इस तरह की टेक्नोलॉजी राष्ट्र-निर्माण में मददगार है, क्योंकि पारदर्शिता, कुशलता और निष्पक्षता को बढ़ावा देकर देरी और लीकेज को कम करती है। आज पाञ्चजन्य एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है, जो भारतीय इंजीनियरों और उद्यमियों द्वारा बनाए गए विश्व स्तरीय सॉल्यूशंस को दिखाता है। इस तरह के इनोवेशन और हुनर को देखते हुए, मुझे पूरा भरोसा है कि भारत केवल डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में ही आगे नहीं होगा, बल्कि आने वाले समय में दुनिया में ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा केंद्र भी बन जाएगा। मैं अशिम पाटिल, अवंतिका पाटिल और i-TEK की पूरी टीम को उनकी रजत जयंती पर बधाई देता हूँ और कामना करता हूँ कि वे भारत के नवाचारों को दुनिया भर में पहुँचाने में लगातार सफल होते रहें।” अपने देश में इनोवेशन की अहमियत के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए, पूर्व थल सेनाध्यक्ष, जनरल मनोज पांडे, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा, "बीते 25 सालों से इनोवेशन और जुझारूपन की मिसाल बन चुके i-TEK के रजत जयंती समारोह का हिस्सा बनना बड़े सम्मान की बात है। दूसरे विश्व युद्ध में सेना के इस्तेमाल के लिए RFID की शुरुआत हुई थी, जो आज हमारे रोज़मर्रा के जीवन और कारोबार का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है, जिसने लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और कामकाज की कुशलता में बड़े पैमाने पर बदलाव ला दिया है।
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