लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए खाली भूखंडों का सर्वे कराएगा. इसमें जिन भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, उनमें मूल आवंटी को सूचना भेजकर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा. वहीं, जिन प्रकरणों में आवंटी को कब्जा नहीं दिया गया है, उनमें आवंटियों को अभियान चलाकर कब्जा प्राप्त करवाया जाएगा. प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक करके इस बाबत आदेश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए एसओपी जारी की जाएगी.

यूपी एसटीएफ ने बीते गुरुवार को गोमती नगर में भूखंड की फर्जी रजिस्ट्री करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था. एलडीए उपाध्यक्ष ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए व्यवस्था को नए सिरे से सुधारते हुए सम्पत्ति का ब्योरा सुरक्षित करने के निर्देश दिए. उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण कार्यालय में संदिग्ध व्यक्तियों की एंट्री पर पूरी तरह बैन लगाया जाए. इसके लिए प्रवेश गेट पर ही सभी आगंतुकों का ब्योरा रजिस्टर में अंकित किया जाएगा.

इसमें आगंतुक को यह घोषित करना होगा कि उसे किस कार्य से किस पटल पर जाना है. तत्पाश्चात गेट पास जारी होने के बाद ही बाहरी व्यक्ति को एंट्री मिलेगी. यह गेट पास निश्चित समय अवधि एवं घोषित पटल के लिए ही मान्य होगा. इसके अलावा विभागीय कार्य के संबंध में समय-समय पर प्राधिकरण कार्यालय आने वाले पंजीकृत ठेकेदारों, अधिवक्ताओं एवं आर्किटेक्ट आदि के लिए सम्बंधित अनुभागाध्यक्ष द्वारा पास जारी किया जाएगा.

सचल दल करेगा निगरानी
इसके अलावा प्राधिकरण के समस्त अधिकारी व कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र धारण करना होगा. उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने के लिए सचल दल गठित किया जाएगा, जो कि समय-समय पर प्रवेश द्वार एवं पटलों का औचक निरीक्षण करके नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराएगा.

नए पोर्टल पर डाटा होगा सुरक्षित
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण के पुराने पोर्टल में तकनीकि खामियों के चलते डाटा की सुरक्षा सुदृढ़ नहीं थी. इसके लिए नया साॅफ्टवेयर विकसित करते हुए सारा डाटा उसमें माइग्रेट किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह सुरक्षित होगा और इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी.

इसके अलावा नवीनतम टेक्नोलाॅजी पर संचालित ईआरपी में प्लानिंग, सम्पत्ति, अभियंत्रण, वित्त एवं लेखा, मानव संसाधन, अभिलेखागार, अनुरक्षण, विधि व जनसूचना आदि अनुभागों के माॅड्यूल विकसित किए जा रहे हैं. इसमें पेमेंट गेट-वे, डिजिटल सर्टीफिकेट, डाॅक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम, आधार बेस्ड वेरीफिकेशन जैसी अन्य सेवाएं उपलब्ध होंगी.