भारत की वित्तीय व्यवस्था लगातार विकसित हो रही है और पैसों के लेन-देन का तरीका बदल रहा है, क्योंकि लोग अब यूपीआई, कार्ड पेमेंट, ई-कॉमर्स और रिटेल आउटलेट जैसी सुविधाओं का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे एक बड़ा बदलाव आया है। बात चाहे गहनों के खरीद की हो, लाइफस्टाइल से जुड़ी ज़रूरी चीज़ों को अपग्रेड करने और बेहतर अनुभव वाले ट्रैवल बुकिंग की हो, या फिर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ढूंढने की बात हो, ग्राहक रिटेल और ई-कॉमर्स दोनों जगहों पर हमेशा सबसे अच्छे डील की तलाश में रहते हैं। 

आजकल उपभोक्ताओं द्वारा डिजिटल तरीकों के उपयोग को सबसे ज्यादा पसंद किए जाने, और पैसों के तुरंत लेन-देन में आसानी की वजह से खर्च करने का तरीका बदल रहा है। मूल्य के लिहाज से देखा जाए, तो ई-कॉमर्स सबसे बड़ा माध्यम बना हुआ है, क्योंकि सितंबर 2025 में क्रेडिट कार्ड से होने वाले कुल खर्च में इसकी हिस्सेदारी 66.4% थी। स्रोत: ET BFSI.). यूपीआई, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल वॉलेट जैसे डिजिटल भुगतान के तरीकों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए, ग्राहकों के लिए ज़रूरी है कि वे पैसों के ऑनलाइन लेन-देन के समय सावधान रहें, ताकि उन्हें डील्स और ऑफर नर्स का भरपूर फायदा मिले, साथ ही वे सुरक्षित व सुविधाजनक तरीके से भुगतान का अनुभव ले सकें।  

भारत में क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली सबसे बड़ी कंपनी, एसबीआई कार्ड ने अंतर्राष्ट्रीय धोखाधड़ी जागरूकता सप्ताह के अवसर पर ग्राहकों से यही अनुरोध किया है कि, वे पैसों से जुड़े सभी तरह के लेन-देन के दौरान सतर्क रहें, तथा पूरे आत्मविश्वास के साथ और सुरक्षित तरीके से खरीददारी के लिए सुरक्षा संबंधी कुछ सुझावों का पालन करें।  

  1. केवल भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म पर ही खरीदारी करें: हमेशा ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइटों या जाने-माने मार्केटप्लेस से ही खरीदारी करें। सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शेयर की जाने वाली फर्जी वेबसाइटों के लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि ये डिजिटल धोखाधड़ी का बेहद सामान्य तरीका है।
  2. स्क्रीन शेयरिंग के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचें: लोगों को अपने लैपटॉप, डेस्कटॉप और मोबाइल फ़ोन जैसे डिवाइस की स्क्रीन किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर करने से बचना चाहिए। अपने डिवाइस पर किसी भी थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन और एपीके फाइलों को डाउनलोड करने से बचें, जो आपकी निजी और वित्तीय जानकारी तक पहुँच सकते हैं, जिससे धोखाधड़ी होने की संभावना बनी रहती है।
  3. डील/ऑफ़र की जाँच करें: यकीन नहीं आने वाले डिस्काउंट, पैसे वापस पाने के नोटिफिकेशन और धोखाधड़ी वाले डील्स से दूर ही रहें, खासकर ज्यादा कीमत वाले सामानों पर ऐसे डील्स से सावधान रहें। भुगतान करने से पहले सीधे ब्रांड से ऐसे ऑफ़र्स की सच्चाई जानें।
  4. रिवॉर्ड पॉइंट्स को रिडीम करते समय सावधान रहें: ऐसे एसएमएस, ई-मेल, या कॉल की सच्चाई का ज़रूर पता लगाएँ, जो रिवॉर्ड पॉइंट्स को रिडीम करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने और निजी/क्रेडिट कार्ड की जानकारी देने के लिए कहते हैं।
  5. ट्रांजैक्शन अलर्ट: शॉपिंग पर होने वाले खर्च पर हर वक्त नज़र रखने के लिए, हर ट्रांजैक्शन के लिए एसएमएस या ऐप नोटिफिकेशन को चालू रखें। इस तरह, आप किसी भी अनधिकृत गतिविधि का तुरंत पता लगाकर उस पर कार्रवाई कर सकते हैं।
  6. फ़िशिंग की कोशिशों के प्रति सतर्क रहें: ऐसे फ़िशिंग ई-मेल, मैसेज और कॉल से सावधान रहें, जो कहते हैं कि आपका अकाउंट बंद हो गया है, पॉइंट्स/ऑफ़र समाप्त होने वाले हैं या डिलीवरी संबंधी फर्जी जानकारी देते हैं। अकाउंट से जुड़ी जानकारी में किसी भी बदलाव की जाँच हमेशा आधिकारिक ग्राहक सेवा प्रतिनिधियों से करें। असली बैंक और क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियाँ कभी भी कार्डधारक से गोपनीय जानकारी (जैसे कि ओटीपी, सीवीवी, पिन, पासवर्ड आदि) या कोई मैसेज नहीं मांगते हैं।
  7. अपने डिवाइस और ऐप्स को अपडेट रखें: डिवाइस के सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करने से कमियाँ दूर होती हैं और सुरक्षा मज़बूत होती है। मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को चालू रखें, साथ ही मैलवेयर से बचाव के लिए इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका फ़ोन, ब्राउज़र, और पेमेंट ऐप्स बिल्कुल नए वर्जन के सॉफ्टवेयर पर चल रहे हों। कभी भी बिना जाँचे किसी लिंक/स्रोत से मोबाइल ऐप्स डाउनलोड नहीं करें।
  8. हमेशा मज़बूत पासवर्ड चुनें: अपने अकाउंट के पासवर्ड को समय-समय पर अपडेट करते रहना बेहद ज़रूरी है। हमेशा एक दमदार और अनोखा पासवर्ड चुनें, जो आपके ई-मेल/सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड से बिल्कुल अलग हो। कभी भी किसी को अपना पासवर्ड नहीं बताएँ।
  9. अपनी गोपनीय जानकारी किसी को नहीं बताएँ: लोगों को कभी भी किसी को अपने कार्ड की जानकारी, पिन, ओटीपी या सीवीवी के बारे में नहीं बताना चाहिए और पैसों के लेन-देन से पहले किसी भी कॉल, ई-मेल या मैसेज की सच्चाई की हमेशा जाँच करनी चाहिए। शिकायत/सवाल दर्ज करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करते समय भी अपने कार्ड की जानकारी या फ़ोन नंबर साझा नहीं करें।
  10. भुगतान संबंधी धोखाधड़ी से सावधान रहें: अगर आपके अकाउंट में कोई अनचाहा भुगतान या रिफंड प्राप्त होता है, तो कोई भी कदम उठाने से पहले अपने अकाउंट की जाँच कर लें कि, वह राशि सचमुच जमा हुई है या नहीं।   

भुगतान की दुनिया लगातार बदल रही है, और ऐसे माहौल में सुविधा पर ध्यान देने के साथ-साथ सावधानी बरतना भी ज़रूरी है। ग्राहक जागरूक रहकर, पैसों के लेन-देन की जाँच करके और सुरक्षित भुगतान की आदतों को अपनाकर, खरीददारी के दौरान मिलने वाले अवसरों का पूरा फ़ायदा उठा सकते हैं। क्रेडिट कार्ड बेहद सुविधाजनक और सुरक्षित होते हैं, जिनका सावधानी से इस्तेमाल करने पर रिवॉर्ड का फायदा भी मिलता है। एसबीआई कार्ड सभी कार्डधारकों को किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर भुगतान करते समय सतर्क और सावधान रहने की सलाह देता है। 

इन आसान दिशा-निर्देशों का पालन करके ग्राहक मन की शांति के साथ खरीददारी का आनंद ले सकते हैं, और सुरक्षित तरीके से पैसों का लेन-देन करते हुए अपने क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड्स व कैशबैक का पूरा फ़ायदा उठा सकते हैं।